Fastag क्या है ?और यह कैसे काम करता है? पूरी जानकारी

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपको Fastag क्या है और यह कैसे काम करता है , इससे जुड़ी सभी जानकारी देने वाले हैं |  हम सब ने कभी ना  कभी लंबी Road trip जरूर की होगी |  लंबी रोड ट्रिप पर जाने के लिए हम बहुत सारी तैयारियां करते हैं. एक बेहतर प्लान बनाते हैं.  दोस्तों को साथ लेते हैं. और लाउड म्यूजिक सुनते हुए लंबे सफर पर निकल जाते हैं |  लेकिन लंबे और तेज सफर के  बीच  में Toll plaza  पड़ते रहते हैं, और हमें गाड़ियों की लम्बी  लाइन की वजह से  घंटो तक इंतजार  करना  पड़ता है | कभी कभी तो लाइन  बहुत ही लंबी हो जाती है, जिससे हम अपने गंतव्य स्थान पर समय से नहीं पहुंच पाते | दोस्तों  टोल  वसूलना सरकार की जिम्मेदारी भी है और जरूरत भी .  क्योंकि यदि टोल नहीं वसूला जाएगा तो आगे की सड़कें और विकास कार्य कैसे होंगे?  नए नए हाईवे और एक्सप्रेसवे कैसे बनेंगे ?  गांव में बनने वाली सड़क का खर्च कहाँ से आएगा ?

क्योंकि गांव में तो सड़क पर कोई Tax लिया नहीं जाता है | टैक्स  सिर्फ लंबी दूरी के हाईवे और एक्सप्रेसवे पर ही वसूला  जाता है |  टोल टैक्स  जमा करने के लिए ट्रक  ड्राइवरों को कभी-कभी  12  घंटे से ज्यादा भी इंतजार करना पड़ता है | क्योंकि ट्रक की अलग लाइन  होती है, और बहुत ढेर सारे एक तरफ से लाइन में लगते चले जाते हैं |  जिससे उनको माल समय से  पहुंचाने में भी समस्या होती है .  इन सभी समस्याओं का समाधान करने के लिए भारत सरकार द्वारा Fastag  सिस्टम  को लागू किया गया है |  जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से तीव्र गति से टोल टैक्स  वसूला जा सकता है | दिन  प्रतिदिन  सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ती ही  जा रही है | टोल प्लाजा  पर लोगों का वेटिंग टाइम भी धीरे धीरे बढ़ता ही जा रहा था | टोल प्लाजा पर घंटों  जाम भी लगा रहता था | जिसकी वजह से वाहन चालकों और टोल प्लाजा के कर्मचारियों के बीच  बहस बाजी भी हो जाती थी, और कभी-कभी तो स्थिति मारपीट तक पहुँच  जाती थी | भारत सरकार द्वारा इन सभी समस्याओं को समाधान निकालने के लिए एक बहुत ही कारगर और उपयोगी तरीका अपनाया गया है |  जिसके माध्यम से इन सभी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा |

Fastag क्या होता है  ? What is Fastag In Hindi

Fastag , Electronic Toll Collection तकनीक है जिसमे Radio Frequency Identification प्रयोग किया जाता है | यह  एक इलेक्ट्रॉनिक चिप की भांति होता है |  जिसे वाहन की Windscreen पर लगाया जाता है |

Fastag बनवाने की प्रक्रिया :-

दोस्तों Fastag बनवाने के लिए आपके पास वाहन का Registration certificate,  वाहन के मालिक का एक पासपोर्ट  साइज फोटो,  एक पहचान पत्र और एक Address proof होना चाहिए | इन सभी महत्वपूर्ण Document के साथ  बैंक जैसे कि SBI, HDFC, ICICI  में आवेदन कर सकते हैं. जिसके लिए आपको 200 की फीस देनी  पड़ेगी |

यदि आप चाहे तो किसी भी टोल प्लाजा पर महत्वपूर्ण डाक्यूमेंट्स को दिखाकर वहां से भी फास्ट ट्रेक प्राप्त कर सकते हैं |

आप चाहे तो  घर बैठे ऑनलाइन अमेजॉन Amazon  और Paytm  पेटीएम के माध्यम से Fastag  फास्टैग घर पर भी मंगवा सकते हैं जो कि कोरियर सर्विस के द्वारा आपके घर पहुंचा दिया जाएगा |

Fastag कैसे काम करता है ? How does it work? complete information

दोस्तों Fastag  एक Electronic chip की भांति होता है | जिसमें आपके वाहन की जानकारी सुरक्षित होती है | जब भी आपका वाहन किसी टोल प्लाजा से गुजरेगा तो वहां पर सेंसर के माध्यम से आपकी गाड़ी के सामने वाले शीशे पर लगे Fastag  फास्टैग से जानकारी लेकर ऑटोमेटिक टोल टैक्स कट जाएगा |  Fastag  फास्टैग एक प्रीपेड कार्ड होता है जिसमें आपको पहले से रिचार्ज करवाना होता है यह प्रक्रिया बहुत ही तीव्र गति से होती है | इसमें खुले पैसे का भी झंझट नहीं होता साथ ही  प्रक्रिया पूरी तरह से कैशलेस होती है, जिससे  पारदर्शिता  भी बनी रहती और कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा भी मिलता है |

सरकार ने fastag लगवाने की तारीख आगे बढ़ाई

कोरोना वैश्विक महामारी के प्रकोप की वजह से 2020 का लगभग पूरा साल  ही तालाबंदी में व्यतीत हो गया | कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए देश में तालाबंदी करने के साथ साथ विद्यालयों की परीक्षा की तारीखें कई बार आगे बढ़ाई गयी | विद्यालयों की परीक्षा के साथ साथ महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं की तारीखें आगे बढ़ाई गयी और बाद में सिर्फ  अंतिम वर्ष की परीक्षा करवाई गयी और पहले और दूसरे वर्ष के छात्रों और छात्राओं को बिना परीक्षा दिए ही अगले वर्ष में प्रोन्नत कर दिया गया | इसी क्रम में वाहनों पर Fastag लगवाने की तारीख को भारत सरकार ने बढ़ा कर 31 दिसंबर 2020 कर दिया था लेकिन कोरोना वैश्विक महामारी की वजह से और अन्य बहुत से कारणों की वजह से बहुत से लोग अपने वाहनों में Fastag नही लगवा सके है | इन्हीं लोगों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने वाहनों पर Fastag लगवाने की अंतिम तारीख को आगे बढ़ा दिया है | अब वाहन उपयोगकर्ता 15 फरवरी 2021 तक अपने वाहनों में Fastag लगवा सकते हैं और 15 फ़रवरी 2021 तक नगद भुगतान के माध्यम से टोल टैक्स जमा कर सकते हैं |

अगले 2 साल में सभी राजमार्ग टोल मुक्त हो जायेंगे

जी हाँ सही सुना आपने, आने वाले दो सालों में भारत सरकार देश के सभी राजमार्गों से टोल बूथ हटाने की योजना पर काम कर रही है लेकिन यदि आप यह सोच कार खुश हो रहे हैं की दो साल के बाद आपको टोल नही देना पड़ेगा तो आपको निराशा ही हाथ लगेगी क्योकि भारत सरकार सिर्फ टोल बूथ हटाने की योजना पर काम कर रही है टोल टैक्स ख़त्म करने पर नहीं | दो साल के बाद भी आपको पूर्व की भाँती ही टोल टैक्स देना होगा और यह भी हो सकता है की भारत सरकार टोल टैक्स की दरों को भी बढ़ा दे |

दरअसल भारत सरकार रूस की सहायता से पूरे भारत में तकनीक के माध्यम से टोल टैक्स जमा करने की योजना पर काम कर रही है | इस योजना में राजमार्गों पर बने बड़े बड़े टोल बूथ को हटा दिया जाएगा | इसके साथ साथ सैटेलाइट की सहायता से टोल टैक्स को वसूला जायेगा जिससे सड़कों पर बने बड़े बड़े टोल बूथों पर काम कर रहे कर्मचारियों की आवश्यकता नही रहेगी और इसके साथ साथ टोल जमा करने की लम्बी लम्बी लाइनों की वजह से लगने वाले जाम से भी छुटकारा मिल जायेगा |

सैटेलाइट की सहायता से टोल टैक्स जमा करने के लिए सभी वाहनों की छत पर एक इलेक्ट्रॉनिक चिप के साथ बार कोड भी लगाया जायेगा और साथ में जीपीएस की सहायता से टोल टैक्स वसूल किया जायेगा |

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